इस देश के डॉक्टर गधा परियोजना क्यों दे रही है कोरोना वॉरियर्स को पढ़े खबर..

स्पेन-कोरोना वायरस जैसी जानलेवा महामारी से पूरी दुनिया लड़ रही है और अब इस जद्दोजहद में लंबे समय से लगे डॉक्टरों  स्वास्थ्यकर्मियों और नर्सों को थकाना शुरू कर दिया है. यही वजह है कि अब मेडिकल स्टाफ डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं. स्वास्थ्य सेवाओं में लगे ऐसे ही डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल स्टाफ को अवसाद और तनाव से छुटकारा दिलाने के लिए स्पेन में गधों का सहारा लिया जा रहा है. स्पेन में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ को मुफ्त गधा चिकित्सा दी जा रही है ताकि वो तनाव से मुक्ति पा सकें. इसे पशु-सहायता चिकित्सा के रूप में जाना जाता है. इस उपचार में में गधे के जरिए तनाव, अवसाद और चिंता सहित शारीरिक और मानसिक विकारों को दूर करने में मदद की जाती है. इस थेरेपी के दौरान मानसिक तौर पर परेशान लोग गधे को अपने गले लगाते हैं जिनसे उन्हें राहत महसूस होती है

द हैप्पी लिटिल डॉन्की‘ की सेवा देने वाले एल बुरितो फेलिज जो इस काम को करते हैं उनका 23 गधों के साथ एक गैर-लाभकारी संघ है जिन्होंने अल्जाइमर रोगियों और ऐसी समस्याओं वाले बच्चों के साथ काम किया है. इस तरह की चिकित्सा घोड़ों के साथ भी जुड़ी हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि गधे अपने कोमल स्वभाव और व्यक्तिगत स्थान के लिए सहज सम्मान के भाव को देखते हुए मानसिक या भावनात्मक विकारों को दूर करने में मदद के लिए अनुकूल होते हैं.

अस्पताल में काम करने वाले 25 साल के मॉर्लेस कहते हैं, ” स्थिति पहले की तुलना में काफी खराब है, जो हम पहले ही कर चुके थे, अब फिर से वही हो रहा है. वह अब देश के दूसरे हिस्से में काम कर रहे हैं क्योंकि स्पेन कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना कर रहा है.उन्होंने कहा कि लगातार रोगियों का इलाज करने और अधिक से अधिक बीमार लोगों के होने की वजह से डॉक्टरों को भी तनाव हो रहा है. इन गधों के साथ यहां होने के कारण सहकर्मियों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने में वास्तव में मदद मिलती है.

डॉक्टर गधा परियोजना की शुरुआत जून के अंत में हुई थी, जो कि एक वायरस से जूझ रहे लोगों को राहत देने के एक तरीके के रूप में शुरू हुई थी. कोरोना वायरस से स्पेन में लगभग 33,400 लोगों की जान जा चुकी है.

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