अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र की मनमानियों से पीड़ित आदिवासी किसान आत्महत्या के लिए विवश- मोहन राय

सतीश नेताम-अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र हिरमी द्वारा आसपास के प्रभावित गांवो के आदिवासी किसानों के साथ तो छल कपट एवं धोखा इस प्रकार दिया है कि आदिवासी किसानों को जमीन के बदले जमीन व नौकरी देने के बजाय आत्महत्या करने पर विवश किया है l इसमें एक नहीं अनेकों आदिवासी किसान है, जिसमें हरीशचन्द्र ध्रुव पिता स्व.श्रीपदुमलाल ध्रुव की पैतृक कृषिभूमि 23 एकड़ पर अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र हिरमी द्वारा 30 वर्षों से बेजा कब्ज़ा कर लिया है, जिसके चलते हरीशचन्द्र ध्रुव द्वारा आर्थिक एवं मानसिक परेशानी एवं अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र हिरमी के प्रताड़ना के चलते फांसी लगाकर 20 मई 2011कों आत्महत्या कर लिया गया।

कंपनी प्रबंधन द्वारा शासन-प्रशासन को गुमराह करने के लिए फर्जी अनुबंध पत्र का सहारा लिया जाता है जबकि भूमि अधिग्रहण नियम के तहत आदिवासी कृषि भूमि पर कलेक्टर आदेश व पूर्ण भुगतान के बिना कब्ज़ा करना अपराध है फिर भी कंपनी प्रबंधन द्वारा हरिश्चंद्र ध्रुव की 23 एकड़ कृषि भूमियों पर अवैध रूप से कब्जा कर माईन्स रेल्वे लाईन एवं उद्योग लगा कर निजी हित में उपयोग किया जा रहा है। हमेशा आदिवासी किसानों की हित में बात कहने वाले शासन-प्रशासन के मौन मिलीभगत के चलते पीड़ित आदिवासी किसान परिवार दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर है।

ग्राम हिरमी में ही आदिवासी परिवार से ही समारू ध्रुव के परिवार से ही तीन लोगों द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया गया। आदिवासी कृषक बजरंगी ध्रुव के वारिसान नरेश कुमार ध्रुव, लतेल पिता सुरजन के वारिसान चिरौंजी लाल ध्रुव अपने हक़ के लिए लड़ाई लड़ रहे है l धनुष ध्रुव पिता भीरु ध्रुव के वारिसान चुम्मन ध्रुव समारू पिता बैजनाथ ध्रुव के वारिसान प्यारेलाल ध्रुव इसीप्रकार परसवानी, कुथरौद, सकलोर से भी आदिवासी किसानों के साथ भी धोखा दिया है। आदिवासी किसानों के साथ अन्य किसानों को भी आत्महत्या के लिए मजबूर करने के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र प्रबंधन के साथ अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र के चेयरमैन बराबर के जिम्मेदार है। जिसने विगत 30 वर्षों से आदिवासी किसानों को ठगा है l कलेक्टर आदेश का पालन नहीं किया गया है। आदिवासी किसानों की जमीन पर कब्ज़ा कर लिए है पर नौकरी व जमीन देने के मामले में धोखा ही दी गई। शुरुवाती दौर के बाद प्रभावित गांवों से किसी भी नए व्यक्ति को परमानेट नौकरी नहीं दी गई । अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र हिरमी में स्थापित होने के बाद आज भी गाँव का विकास नहीं अपितु विनास हुई है, जल स्तर नीचे चला गया है। जिससे पूरी तरह पर्यावरण प्रभावित हुई है, साथ ही धुल एवं धुँए से लोगों की स्वास्थ्य पूरी तरह से ख़राब हो रही है।

वहीं एसी-एसटी संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहन राय ने कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र हिरमी द्वारा आदिवासी किसानों के साथ छल- कपट एवं धोखाधड़ी की गई है। जिसके चलते शासन-प्रशासन जल्द ही कंपनी प्रबन्धन अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र हिरमी एवं कंपनी के चेयरमेन पर ST/SC एक्ट, छल-कपट एवं धोखाधड़ी के करने लिए कानूनी कार्यवाही की जाए l ताकि किसी भी पीड़ित आदिवासी किसानों को आत्महत्या न करना पड़े l अन्यथा पूरे प्रदेश में एससी-एसटी संघर्ष समिति व्यापक रूप से उग्र आंदोलन करने को विवश हो जाएगा।

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