रिसर्च के लिए रोजाना 5 हजार मच्छरों से खुद को कटवाता है यह वैज्ञानिक..

मेलबर्न विश्वविद्यालय (University of Melbourne) के एक कीट विज्ञानी (entomologist) ने डेंगू बुखार (Dengue Fever) को खत्म करने के लिए चल रहे अपने शोध (research) के दौरान अपनी बांह को नियमित रूप से हजारों मच्छरों (Mosquitoes) से कटवाया. डॉ पेरान स्टॉट-रॉस कई वर्षों से मेलबर्न विश्वविद्यालय में मच्छर अनुसंधान में शामिल रहे हैं. वे डेंगू वायरस के प्रसार को रोकने के प्रभावी तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं, जो मच्छरों के माध्यम से मनुष्यों को होता है.

अब तक की सबसे अच्छी रणनीतियों में से एक वोल्बाचिया नाम के एक बैक्टीरिया (Bacteria) से मच्छरों के झुंड को संक्रमित करना है. यह एक ऐसा बैक्टीरिया होता है, जो स्वाभाविक रूप से डेंगू बुखार (Dengue Fever) के फैलने को रोक देता है और मच्छरों की आगे की पीढ़ियों को भी डेंगू न फैलाने वाला बना देता है. लेकिन इस शोध (research) को अंजाम देने के लिए, डॉ. स्टॉट-रॉस को हजारों रक्त-चूसने वाले मच्छरों (mosquito) की निगरानी करनी होती है, और उस निगरानी के हिस्से के तौर पर वे अपनी बांह इन मच्छरों को किसी बुफे की तरह खाने के लिए देते हैं।

इस ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक ने पहली बार मार्च में तब लोगों का ध्यान खींचा, जब उन्होंने कथित तौर पर रिकॉर्ड 5,000 मादा मच्छरों को खून पिलाने के बाद अपने छाले से ढके हाथ की एक तस्वीर ट्वीट की. उन्होंने इस दौरान स्वीकार किया था कि कभी-कभी काटने पर दर्द हो सकता है, और यह भी कि हर रक्त-पिलाने वाले सत्र के बाद हाथ को खुजलाने से बचना पड़ता है.

मुझे खुद को इसे खुजलाने से रोकना पड़ता है”

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “कभी-कभी यह थोड़ा चिलचिलाने वाला हो सकता है यदि वे आपको सही स्थान पर काट लेते हैं, लेकिन ज्यादातर बार यह थोड़ी सी जलन ही देता है.” रॉस ने चेतावनी देते हुए बताया था, “यह बाद में बहुत खुजलाता है. जैसे ही मैं अपनी बांह बाहर निकालता हूं, मुझे खुद को इसे खुजलाने से रोकना पड़ता है.”

इतना ही नहीं इस वैज्ञानिक ने अपने पिये गये खून का भी हिसाब रखा था. ट्विटर पर इन्होंने बताया कि जिस रोज इन्होंने करीब 5000 मादा मच्छरों को खून पिलाया, उस दिन इनका करीब 16 मिली लीटर खून ये मच्छर पी गये.

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