ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ा यह बड़ा नियम बदल गया, जाने कैसे और किसे होगा फायदा

जो लोग पढ़ाई, नौकरी या किसी अन्य कार्य के लिए लंबे समय के लिए विदेश जाते हैं, उन्हें आईडीपी यानी इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट की जरूरत होती है. विदेश में वाहन चलाने के लिए आईडीपी (IDP) का साथ होना अनिवार्य है. इसके लिए पहले वीजा की जरूरत होती थी, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं होगी।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट (आईडीपी) के लिए वीजा की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है. इसका मतलब यह हुआ कि यदि आवेदक के पास अगर उसका पासपोर्ट है तो वह वीजा आवेदन के आधार पर इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट हासिल कर सकता है।

अब तक आईडीपी के लिए आवेदन फॉर्म के साथ ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड के साथ ही पासपोर्ट और वीजा की फोटो कॉपी भी देनी पड़ती थी। इस स्थिति में भी कई बार वीजा ना मिल पाने के चलते लोगों को आईडीपी नहीं मिल पाता था, लेकिन अब अन्य दस्तावेजों के साथ ही सिर्फ पासपोर्ट और वीजा आवेदन की कॉपी प्रस्तुत कर आप आईडीपी प्राप्त कर सकेंगे।

कितना देना होगा शुल्क केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आईडीपी के लिए वीजा की अनिवार्यता को तो समाप्त कर दिया है. लेकिन दूसरी तरफ मंत्रालय ने आईडीपी की फीस में कुछ बदलाव किए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए आईडीपी की आवेदन फीस एक हजार रुपए तय की गई है। यदि कोई व्यक्ति विदेश में है और उसका वीजा आगे बढ़ाया गया है तो इस परिस्थिति में आईडीपी की अवधि बढ़ाने के लिए उन्हें संबंधित दूतावास के माध्यम से आवेदन करना होगा. इसके लिए 2 हजार रुपए अतिरिक्त फीस देनी होगी। आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करते समय वैध ड्राइविंग लाइसेंस का प्रमाण, पासपोर्ट तस्वीर, राष्ट्रीयता का प्रमाण और वैध पासपोर्ट का प्रमाण देना होगा. बता दें कि आईडीपी के लिए आवेदनकर्ता को उसी आरटीओ कार्यालय (RTO) में आवेदन करना होता है, जहां से उसका ड्राइविंग लाइसेंस जारी हुआ है।

मेडिकल सर्टिफिकेट की शर्त भी खत्म मंत्रालय ने कहा कि यह भारत में आईडीपी के लिए आवेदन करने के समय वैध वीजा के साथ मेडिकल सर्टिफिकेट की शर्तों को भी हटा दिया है. इस नई व्यवस्था को शुरू करने के पीछे बताया जा रहा है कि जिस नागरिक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है, उसे दूसरे मेडिकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, “ऐसे देश हैं जहां वीजा आगमन पर जारी किया जाता है या अंतिम समय पर वीजा जारी किया जाता है, वहां यात्रा से पहले भारत में आईडीपी के लिए आवेदन करते समय वीजा उपलब्ध नहीं होता है. इसलिए अब बिना वीजा के भी आईडीपी आवेदन किया जा सकता है।

अधिकारी बोले- यह बेहतरीन कदम मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रविवार सुबह महाराष्ट्र के लिए सामान्य वैधानिक नियम (जीएसआर) प्राप्त करने वाले राज्य परिवहन आयुक्त अविनाश धाकने ने कहा, “यह एक बेहतरीन कदम है. खासकर महामारी के दौरान विदेशों में रह रहे भारतीयों को इससे काफी फायदा मिलेगा. विदेशों में रहने वाले भारतीय छात्रों को आईडीपी के नवीनीकरण में समस्या आ रही थी. लेकिन अब इससे उन्हें मदद मिलेगी।

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