भारत में कोरोना की दूसरी लहर ये पांच चीजें अपनाने से रोक सकते है..

अमेरिका और यूरोप में कोरोना की दूसरी लहर आ चुकी है। हाल में नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने ठंड में भारत में भी कोरोना की दूसरी लहर आने की आशंका जताई है। एक शोध में यहां तक कहा गया है कि दूसरी लहर पहली से ज्यादा खतरनाक हो सकती है। ऐसे में एक्सपर्ट से जानते हैं कि हम देश में कोरोना की दूसरी लहर कैसे रोक सकते हैं या इसकी रफ्तार धीमी कर लकते हैं।

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शस डिजीज के डायरेक्टर एंटोनी फौसी कहते हैं कि हम मुसीबतों का सामना कर रहे हैं। दूसरी लहर आने के बाद पॉजिटिव पाए जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। हमें इसे रोकना होगा। एंटोनी फौसी के मुताबिक, इन सबके बीच अच्छी बात यह है कि हम कोरोना वायरस के केस को कम कर सकते हैं। इसके लिए लॉकडाउन की जरूरत नहीं है, सिर्फ विवेकपूर्ण, सावधानी और गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी विचार से हम ऐसा कर सकते हैं।

मास्क हमेशा पहनें शोध रिपोर्ट से साफ है कि जिन जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है, वहां पर कोविड-19 नियंत्रित है। जब 50 फीसदी से 80 फीसदी लोग मास्क पहनते हैं तो यह बेहद कारगर साबित होता है। याद रखें कि अब हमें मास्क पहनने की आदत डाल लेनी है, वैक्सीन आने के बाद भी।

शारीरिक दूरी घर से बाहर निकलते ही शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करें। यह कम्युनिटी स्प्रेड रोकने के लिए बेहद जरूरी है। अनजान लोगों से कम से कम 6 फीट की दूरी रखें।

भीड़ में न जाएं भीड़ वाली जगहें कोरोना के लिए सुपर स्प्रडेर बन जाती हैं। इन जगहों पर ज्यादा लोग बचाव के आधारभूत नियम जैसे, मास्क लगाने का पालन नहीं करते हैं। भारत में यह त्योहारों का सीजन है। इसलिए आपको याद रखना जरूरी है कि भीड़ में नहीं जाना है। याद रखना है कि यह पहला सर्दी का मौसम है, जो महामारी के बीच आया है।

लोगों से इंडोर न मिले जिन लोगों के साथ आप घर में रहते हैं, उनके अलावा और किसी से घर के भीतर न मिलें। वहीं, जिम, बार और रेस्टोरेंट में भी लोगों से कम से कम मिलें, क्योंकि इंडोर स्पेस में कोरोना संक्रमण तेजी से होता है। खासकर तब जब वेंटिलेशन अच्छा न हो और आपने मास्क भी न पहन रखा हो।

हाथ लगातार और अच्छे से धोते रहे यह कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में काफी मददगार है। और हां, कम से कम 60% अल्कोहल वाला सैनिटाइजर ही एक अच्छा विकल्प है। लेकिन जब भी संभव हो तो अपने हाथों को धोना सबसे अच्छा विकल्प होता है।

दूसरी लहर क्यों खतरनाक विशेषज्ञों का कहना है कि म्यूटेशन से वायरस लगातार रूप बदल रहा है। एक शोध के दौरान देखा गया है कि ह्यूस्टन और उसके आसपास कोरोना वायरस की दूसरी लहर में करीब 1000 कोरोना केस में से 99 फीसदी में वायरस D614G म्यूटेशन पाया गया। इसने कोरोना की दूसरी लहर को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

भारत के आंकड़े संक्रमण के मामलों में दुनिया में दूसरे स्थान पर भारत है। यहां संक्रमण के मामले क़रीब 80 लाख हैं और मरने वालों की संख्या भी एक लाख 19 हज़ार से अधिक है। 25 अक्तूबर को भारत में 50129 केस आए थे।

अमेरिका की स्थिति बीते शुक्रवार को अमेरिका में संक्रमण के क़रीब 70 हज़ार नए मामले रिकॉर्ड किए गए, जो कि जुलाई के बाद से एक दिन में रिकार्ड हुए सबसे अधिक केस हैं। हालांकि, 21 अक्तूबर तक इसमें थोड़ी कमी आई है। वहीं 25 अक्तूबर को 59,691 केस आए थे।

यूरोप के कई देशों में नए सिरे से लॉकडाउन बेल्जियम, इटली, फ़्रांस, चेक रिपब्लिक, आयरलैंड, पोलैंड और जर्मनी समेत यूरोप के कई देशों में कोरोना की दूसरी लहर आ चुकी है। संक्रमण रोकने के लिए इन देशों ने नए सिरे से आंशिक लॉकडाउन और प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं। वेल्स में तो दो हफ्ते के लिए नेशनल लॉकडाउन हो गया है। स्पेन सरकार ने राजधानी मेड्रिड और आसपास के इलाकों के लिए 15 दिन के आपातकाल की घोषणा कर दी है। नीदरलैंड में 14 अक्टूबर से बार, रेस्त्रां और कॉफ़ी शॉप बंद करने का आदेश दिया गया है। 

Leave A Reply

Your email address will not be published.