सरपंच- सचिव पर कार्यवाही की मांग को लेकर चौथे दिन धरना जारी, दो महिला पंच की तबियत बिगड़ी, उपसरपंच ने कहा प्रशासन कार्यवाही नही कर रहा है तो बनवा दे हम पंचों का मृत्यु प्रमाणपत्र

भूपेश मांझी/कोरबा सरपंच- सचिव पर कार्यवाही की मांग को लेकर पाली जनपद कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे महिला- पुरुष पंचों का आज लगातार चौंथे दिन धरना जारी है।इस दौरान धरने पर बैठे पंचों में दो महिला पंच की तबियत भी बिगड़ गई है।प्रशासन की ओर से अभी तक पंच आंदोलनकारियों को कोई प्रतिक्रिया नही मिल पाई है। पाली जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत जेमरा के उपसरपंच भंवरसिंह सहित सभी पंचों द्वारा सरपंच राजकुमार जगत एवं सचिव निर्मलदास मानिकपुरी के भ्रष्ट्राचार के विरुद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर मोर्चा खोल 2 दिसंबर से जनपद पंचायत कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए है।

पंचों का आरोप है कि सरपंच- सचिव द्वारा मूलभूत एवं 14वे वित्त मद के अलावा शासकीय निर्माण कार्यों की राशि का भी गबन तथा मजदूरी भुगतान लंबित व पंचायत कार्यों एवं योजनाओं से जुड़ी कोई भी जानकारी नही देने सहित शराब के नशे में अक्सर समस्त पंचों के साथ दुर्व्यवहार को लेकर गत 24 अगस्त 2020 को कटघोरा एसडीएम एवं 25 अगस्त को पाली सीईओ एम आर कैवर्त से लिखित शिकायत कर उचित जांच व कार्यवाही की मांग पर जांच उपरांत करीबन अट्ठारह लाख रुपए वसूली योग्य पाए जाने पश्चात भी संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नही किये जाने को लेकर पंचों द्वारा 1 दिसंबर को पाली तहसीलदार एवं थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंप 2 दिसंबर से जनपद कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए है।

जहां आज उनका लगातार चौथा दिन है।मामले में पंचों के आंदोलन को लेकर प्रशासन की तरफ से अबतक कोई भी प्रतिक्रिया नही दिख पाई है।वहीं धरने पर बैठे 2 महिला पंच श्रीमती फगनीबाई व चमेलीबाई की इस दौरान तबीयत भी बिगड़ गई है।धरने में बैठे उपसरपंच भंवरसिंह का कहना है कि जनता के पैसे का गबन करने वाले सरपंच- सचिव पर कार्यवाही को लेकर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है इससे अच्छा है कि हम सभी पंचों का प्रशासन की ओर से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाए क्योंकि हमारे प्रदर्शन का असर नही हो रहा तो हमारा जीवित रहना ना रहने के बराबर है।सभी पंचों ने मिलकर आगे भूख हड़ताल की योजना बनाई है जहां उपसरपंच ने कहा है कि यदि प्रशासन सरपंच- सचिव पर कार्यवाही को गंभीरता से नही लेती है तो आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।देखना है प्रशासन इन आंदोलनकारियों की मांग को कबतक संज्ञान में लेती है।

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