40 घण्टे से लापता तीन बच्चों को कोतवाली रायपुर पुलिस ने किया बरामद,

रात्रि गस्त के दौरान आरक्षक शैलेश नेताम, संजू नरेटी ने किया बरामद

रायपुर-छत्तीसगढ़ के भिलाई में 40 घंटे से भी ज्यादा समय से लापता सगे भाइयों सहित तीनों बच्चे गुरुवार देर रात रायुपर से बरामद कर लिए गए हैं। तीनों बच्चे एक ही कंबल ओढ़े सड़क किनारे बैठे थे। इसी दौरान गश्त पर निकली पुलिस टीम ने उन्हें पहचान लिया। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि मन नहीं लग रहा था। इसके चलते वे घर से भाग निकले थे और बस से रायपुर आ गए। फिलहाल तीनों बच्चों को पुलिस ने उनके परिजन को सौंप दिया है।

वार्ड 7 में अयप्पा मंदिर के पास रहने विनोद पासवान के बच्चे 12 साल का सूरज और 10 साल का नीरज के साथ पड़ोस में रहने वाले निखिल के साथ बुधवार दोपहर को घर से निकले थे। तीनों ने झूला झूलने के लिए जाने की बात कही और इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में गुरुवार को FIR दर्ज की और बच्चों की फोटो को प्रदेश के सभी थानों में उनके ब्योरे के साथ भेजा गया।

शीशी-बोतल बेचकर निकाल रहे थे खर्चा, पहले भी घर से भागे
रायपर की कोतवाली थाना पुलिस ने गुरुवार रात को गश्त के दौरान सदर बाजार में सड़क किनारे तीनों बच्चों को बरामद किया। पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो बच्चों ने बताया कि घर में मन नहीं लग रहा था तो वे भाग आए। पहले वह 10 रुपए का टिकट लेकर बस से अहिवारा गए, लेकिन फिर वहां से रायपुर वापस चले गए। वहां सड़क पर पड़ी कांच की शीशियां और बोतलें बेच कर काम चला रहे थे। पहले भी वह घर से भागकर ऐसा कर चुके थे।

तीनों बच्चे 3, 5 और 6वीं क्लास में पढ़ते हैं
निखिल के परिजनों ने पुलिस को बताया कि उसके पिता की मौत हो चुकी है। निखिल कक्षा 6वीं में पढ़ाई करता है। वह अपनी दो बड़ी बहन और मां के साथ रहता था। निखिल दोपहर 2 बजे ट्यूशन जाता था, लेकिन बुधवार को वह क्लास नहीं गया। वह पड़ोसी भाइयों के साथ चला गया था। वहीं, दोनों भाई सूरज व नीरज अपने माता पिता और दादा-दादी के साथ रहते थे। उसके पिता ड्राइवर है। नीरज कक्षा 3 और सूरज 5वीं क्लास में पढ़ाई करता है।

रायपुर के कोतवाली थाना के दो आरक्षक शैलेश नेताम एवं संजू राम नरेटी सदर बाजार में गश्त कर रहे थे इसी दौरान उनकी नजर इन बच्चों पर पड़ी। जवानों ने इनसे पूछताछ की तो पता चला कि वे घर से भागे हुए हैं तथा उनका मन घर मे नही लग रहा है। दोनों आरक्षकों ने इन्हें पहले थाना लाया फिर खाना खिलाया । जिसके बाद इसकी सूचना परिजनों को दी गयी।

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