शिकार छूटने सेे हिंसक हो रहे हैं आदमखोर तेंदुवा..

पिथौरागढ़-चंडाक क्षेत्र में गुलदार (तेंदुवा) बार-बार शिकार छिन जाने से हिंसक हो गया है। शाम होते ही गुलदार घरों के आंगन में पहुंच रहा है। अब तक गुलदार सात लोगों पर हमला कर चुका है। जिसमें तीन लोगों की मौत हुई है, लेकिन प्रत्येक हमले के बाद भी गुलदार को पेट भरने के लिए भोजन नहीं मिला है। वन्य जीव विशेषज्ञ इसे गुलदार के आक्रामक होने की बड़ी वजह बता रहे हैं। इसके अलावा अब तक हुई घटनाएं एक निश्चित समयावधि के बीच हुई हैं। यानि की गुलदार एक निश्चित समय पर ही क्षेत्र में सक्रिय हो रहा है।

नगर में गुलदार का पहला हमला बीते 22 सितंबर को हुआ था। इसके बाद से गुलदार नियमित अंतराल में लोगों पर हमला करता आ रहा है। किसी भी हमले में गुलदार को भोजन नहीं मिला है। घटनास्थल पर अन्य लोगों की मौजूदगी के कारण गुलदार को बार-बार शिकार को छोड़ना पड़ा है। गुलदार बीते 34 दिनों में सात बार इंसानों पर हमला कर चुका है। विशेषज्ञों के मुताबिक गुलदार एक समय में आठ से दस किलो मांस खा सकता है। पर्याप्त भोजन मिलने के बाद वह एक माह तक दूसरा शिकार न भी करे तो जीवित रह सकता है। 

चंडाक में अब तक हुए घटनाओं में गुलदार ने दोपहर दो से शाम सात बजे के बीच ही हमला किए हैं। छाना पांडे में किशोरी पर शाम छह बजे के करीब हमला हुआ। चंडाक धारापानी में युवक पर दोपहर ढाई बजे गुलदार के हमले में घायल हुआ। धूरा पपदेऊ में बुजुर्ग व्यक्ति और महिला व पुनेड़ी में घास काट रही महिला पर भी दोपहर दो से तीन बजे के बीच में ही हमला हुआ है। बीते दिनों बिलड़ा में भी छह बजे के करीब गुलदार ने महिला पर हमला किया। 

चंडाक क्षेत्र में गुलदार दोपहर दो से सात सात बजे के बीच अक्सर दिखाई दे रहा है। बीते दिनों गुलदार चंडाक सिकड़ानी गांव के घर की आंगन में आ धमका। स्थानीय निवासी कमल सिंह ने बताय कि पूर्व तक गुलदार घरों के आसपास नहीं दिखाई देते थे। कभी दिखाई भी दिए तो मनुष्य के देख भाग जाते थे। अब तक गुलदार अपनी भूख मिटाने में असमर्थ रहा है। शिकार करने के बावजूद भोजन न मिलने से गुलदार हिंसक हो सकता है।

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