कोरबा;जिला पंचायत सीईओ के आदेश को ठेंगा दिखा रहा शातिर एवं भष्ट्र पंचायत सचिव, दूसरे सचिव को नही सौंप रहा प्रभार, पंचायत कार्य हो रहा प्रभावित

भूपेश मांझी/पाली-बीते पंचायत चुनाव में लागू आदर्श आचार संहिता के दौरान तत्कालीन सरपँच के फर्जी हस्ताक्षर से 14वे वित्त मद से तीन लाख की राशि आहरण कर गबन किये जाने वाले सचिव के विरुद्ध पाली सीईओ से शिकायत के बाद जांच उपरांत कार्यवाही के लिए जांच प्रतिवेदन जिला सीईओ को भेजे जाने पश्चात दूसरे सचिव को पंचायत का प्रभार सौंपे जाने जिला पंचायत सीईओ के आदेश को ताक पर रखकर शातिर एवं भष्ट्र सचिव की आनाकानी एवं मनमानी फिर चरम पर है।जहाँ दूसरे सचिव को प्रभार ना देने से पंचायत कार्य बाधित हो रहा है।जिसकी शिकायत दूसरे सचिव द्वारा जनपद सीईओ से की गई है।

रतखंडी पंचायत में कार्यरत सचिव चंद्रिका प्रसाद तंवर पर बीते पंचायत चुनाव 2020 के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता में तत्कालीन महिला सरपंच श्रीमती सरस्वती देवी के फर्जी हस्ताक्षर से बीते 16 जनवरी को 2 लाख एवं 03 फरवरी को 1 लाख की राशि का 14वे वित्त मद से आहरण कर गबन कर दिए जाने की तत्कालीन सरपंच द्वारा पाली सीईओ एमआर कैवर्त से बीते 30 जून को किये गए लिखित शिकायत के आधार पर जांच टीम गठित कर तथा जांच उपरांत उचित कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन जिला सीईओ को भेजे जाने के बाद सचिव चंद्रिका प्रसाद को रतखंडी से हटाकर सचिव बृजपाल सिंह को उक्त पंचायत का वित्तीय प्रभार सहित कामकाज सौंपे जाने के जिला पंचायत सीईओ द्वारा पाली सीईओ को पत्र क्रमांक- 997 के माध्यम से दिनाक 05 अक्टूबर 2020 को जारी आदेश को शातिर एवं भ्रष्ट्र सचिव द्वारा दरकिनार करते हुए पंचायत का वित्तीय प्रभार एवं कामकाज सौंपे जाने को लेकर आनाकानी किया जा रहा है।

जिससे पंचायत कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।यहाँ पर अब सवाल यह उठता है कि क्या एक पंचायत सचिव का ओहदा जिला सीईओ से बड़ा हो गया जो उनके आदेश को ठेंगा दिखाते हुए बखिया उधेड़ी जाए।पाली जनपद के अधिकारी- कर्मचारियों के लिए इससे बड़ी शर्मनाक बात और क्या होगी जो एक सचिव को जिला सीईओ के आदेश का परिपालन कराने में असमर्थ साबित हो रहे हों।रतखंडी पंचायत का प्रभार सचिव चंद्रिका द्वारा नही दिए जाने की लिखितमय एवं उपसरपंच सहित दो पंचों का हस्ताक्षरयुक्त शिकायत सचिव बृजपाल सिंह ने बीते 19 अक्टूबर मंगलवार को पाली सीईओ को सौंपा है।ऐसे में पाली जनपद कार्यालय में पदस्थ नौकरशाहों के संदेहास्पद कार्यशैली और नाकामी को सहज आंका जा सकता है कि वे अपने उच्चाधिकारी के आदेश का पालन कराने में कितने सक्षम है।फिलहाल सचिव बृजपाल सिंह पंचायत का प्रभार पाने जनपद कार्यालय से लेकर पंचायत तक का बीते 5 दिनों से चक्कर काट रहा है।

जनपद एवं जिला पंचायत के बाबू का भष्ट्राचारी सचिव को मिल रहा संरक्षण

सूत्रों द्वारा जो जानकारी उपलब्ध कराई गई है उसके अनुसार पाली जनपद कार्यालय में लगभग 25 वर्षों से अटेचमेंन पर कार्यरत एक बाबू तथा जिला पंचायत में पदस्थ एक बाबू का संरक्षण शातिर एवं भष्ट्र सचिव चंद्रिका को मिल रहा है।जिनसे प्राप्त वरदहस्त के कारण उक्त सचिव के हौसले आसमान की ऊंचाइयों को छू रहा है।बताया जा रहा है कि चंद्रिका के विरुद्ध 14वे वित्त की राशि का गबन मामले की शिकायत पर जांच कर उचित कार्यवाही के लिए जांच प्रतिवेदन दो माह पहले जिला सीईओ को भेजा जा चुका है जिसे जिला पंचायत में पदस्थ एक बाबू के द्वारा दबा दिया गया है।जिससे दोषी सचिव पर कार्यवाही की प्रक्रिया अधर में लटका पड़ा है।वही पाली जनपद में अटेचमेंन पर कार्यरत बाबू के कहने पर ही सचिव चंद्रिका द्वारा रतखंडी पंचायत में किये गए भारी भष्ट्राचार के उजागर होने के भय से सचिव बृजपाल सिंह को पंचायत का वित्तीय अधिकार एवं कामकाज नही सौंपा जा रहा है।

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