चीन की वुहान लैब के वैज्ञानिकों का कबूलनामा, गुफा में सैम्पल लेते वक्त संक्रमित चमगादड़ ने काटा

कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में कुख्यात हो चुके चीन के वुहान लैब को लेकर एक और नया खौफनाक तथ्य उजागर हुआ है। वुहान लैब के वैज्ञानिकों का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह मान रहे हैं कि जब वह कोरोना-संक्रमित चमगादड़ों पर रिसर्च करने के लिए एक गुफा के अंदर थे तो उन्हें चमगादड़ों ने बुरी तरह से काट लिया था। उन्होंने वीडियो में चमगादड़ के काटे हुए निशान भी दिखाए हैं। हैरानी की बात ये है कि वीडियो से जाहिर होता है कि चीन ने शुरू में कोरोना वायरस को लेकर कितनी लापरवाही बरती थी कि गुफा में सैंपल जुटाने गए वैज्ञानिकों को पीपीई किट तक नहीं दिए थे।

चमगादड़ों के साथ जानलेवा ‘चीनी खेल’ वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि चीन के वैज्ञानिक चमगादड़ों और कोरोना वायरस को लेकर कितने लापरवाह हैं।उन्होंने ऐसे रिसर्च के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुरक्षा संबंधी नियमों का भी खुला उल्लंघन किया है। वह कोरोना वायरस वाले लैब में भी बिना मास्क और पीपीई किट पहनकर काम करते नजर आ रहे हैं और जब गुफा में कोरोना वायरस का सैंपल (मल) जमा कर रहे थे, तब भी उन्होंने पीपीई किटनहीं पहन रहखे थे। एक रिसर्चर ने अपना अनुभव ऑन कैमरा बताया है कि कैसे उसे रबर के ग्लोव्स के ऊपर से भी चमगादड़ों ने काट लिया था। यही नहीं, चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को बायोसेफ्टी लेवल 4 लैब का दर्जा प्राप्त है, वहां रिसर्च के लिए कई तरह वायरस कैद करके रखे जाते हैं, लेकिन वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि कुछ वैज्ञानिक तो हजामत सूट में नजर आ रहे हैं,लेकिन कुछ वैसे ही घूम रहे हैं।

कैमरे ने खोली चीन की करतूत की पोल सबसे बड़ी बात ये है कि कोरोना वायरस जैसी जानलेवा बीमारी के साथ चीन के वैज्ञानिकों के खेलने वाला यह वीडियो चीन के सरकारी चैनल सीसीटीवी पर ही दिखाया गया था, जिसे बाद में सरकार की सख्ती के बाद हटा दिया गया। अब ताइवान न्यूज ने उस वीडियो को ऐसे समय में सार्वजनिक कर दिया है, जो कोविड-19 की शुरुआत की पड़ताल के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)की टीम चीन गई हुई है। इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक चीनी वैज्ञानिक एक चमगादड़ को नंग हाथों से पकड़े हुए है, जबकि एक जगह टीम के सदस्यों को गुफा में शॉर्ट्स और टी-शर्ट में चादर पर जमा हुए उसके मल को खुले हाथों और बिना पीपीआई किट पहने उठाते हुए देखा जा सकता है।

चीन की ‘बैट वूमन’ का कारनामा इस वीडियो को चीन की ‘बैट वूमन’ कही जाने वाली वैज्ञानिक शी झेंगली और उनकी टीम की सार्स वायरस के शुरुआत होने का पता लगाने की वैज्ञानिकों की कोशिशों को द‍िखाने के लिए बनाया गया था। लेकिन, इसमें एक जगह पर चाइनीज बैट वूमन शी झेंगली कहती सुनी जा रही हैं कि इस काम को लोग जितना खतरनाक समझते हैं, उतना है नहीं। वो कहती सुनाई पड़ी हैं कि चमगादड़ कई खतरनाक वायरस के वाहक जरूर होते हैं, लेकिन इससे इंसान के सीधे संक्रमित होने का जोखिम बहुत ही कम है। उन्होंने दावा किया है कि जहां पर ज्यादा खतरनाक वायरस वाले चमगादड़ों की मौजूदगी की आशंका रहती है, वहां उनके वैज्ञानिक पूरा एहतियात बरतते हैं, लेकिन हर जगह इतना करने की जरूरत नहीं है।

ग्लोव्स पहनने पर भी चमगादड़ों ने काटा- चीनी वैज्ञानिक लेकिन, गुफा में रिसर्च करने पहुंचे एक वैज्ञानिक ने अपने खौफनाक अनुभव की जो जानकारी दी है, उससे बैट बूमन के दावों की पोल खुल जाती है। उसने बताया है कि ग्लोव्स पहने के बाद भी चमगादड़ों के काटने का खतरा बरकरार रहता है। उन्होंने बताया है कि चमगादड़ ने तो उसे इस तरह से काटा कि ग्लोव्स के अंदर भी उसके दांत सूई की तरह चुभ गए थे। वीडियो में उस शख्स के सूजे हुए शरीर के अंग भी दिखाई पड़ रहे हैं। इसी वीडियो में लैब के अंदर एक महिला को बिना मास्क के नंगे हाथों से चमगादड़ को पकड़े हुए भी दिखाया गया है। अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि क्या किसी वैज्ञानिक में चमगादड़ों के काटने के बाद किसी तरह के लक्षण तो नहीं दिखाई पड़े थे। माना जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम बैट वूमन शी झेंगली से इस संबंध में पूछताछ कर सकती है।

चीन के कारनामे के खुलासा वाला वीडियो ताइवान न्यूज के मुताबिक वीडियो करीब दो साल पुराना यानि 29 दिसंबर, 2017 का है, जिसे बाद में आनन-फानन में हटा लिया गया था। लेकिन, इसने एकबार फिर से कोरोना वायरस पर चीन की झूठों को पलीता लगा दिया है कि वह कोरोना वायरस को लेकर शुरू से कितनी कोताही बरतता रहा है।

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