साइबर क्राइम का गढ़ जामताड़ा के 6 शातिर साइबर अपराधियों को 2 जिलों के 5 थाना की पुलिस को घंटों परेशान करने के बाद नाटकीय ढंग से ऐसे पकड़ में आये

साइबर क्राइम का गढ़ माने जाने वाले जामताड़ा के 6 साइबर अपराधियों ने दो जिलों के 5 थाना की पुलिस को घंटों परेशान रखा. हालांकि, जाल बिछाकर धनबाद एवं जामताड़ा जिला के पांच थानों की पुलिस ने स्कॉर्पियो वाहन समेत निरसा थाना क्षेत्र के रंगामाटी के समीप सरसा मोड़ से नाटकीय ढंग से सभी साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को चकमा देकर भागे सभी तीन अपराधी अपने ही ‘हथियार’ से गिरफ्तार हुए।

साइबर अपराधियों पर झारखंड पुलिस के कसते शिकंजा को देखते हुए ये 6 अपराधी झारखंड छोड़कर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता भागने की फिराक में थे. इन अपराधियों को जामताड़ा पुलिस देर शाम निरसा से जामताड़ा ले गयी. वहीं सभी से पूछताछ की जा रही है. इन लोगों की गिरफ्तारी लोगों के बैंक से रुपये उड़ाने में इस्तेमाल होने वाले इनके हथियार यानी ‘मोबाइल’ फोन की वजह से ही हुई।

पुलिस टीम का नेतृत्व जामताड़ा सदर डीएसपी, साइबर डीएसपी के अलावे धनबाद साइबर डीएसपी सुमित लकड़ा, निरसा एसडीपीओ विजय कुमार कुशवाहा, निरसा थाना प्रभारी सुभाष सिंह, पूर्वी टुंडी के थाना प्रभारी कमलनाथ मुंडा के अलावा अन्य कर रहे थे. जामताड़ा से इन अपराधियों का पीछा करते हुए जामताड़ा सदर पुलिस, करमाटांड़ पुलिस, नारायणपुर पुलिस के अलावा धनबाद जिला के पूर्वी टुंडी की पुलिस एवं निरसा पुलिस सक्रिय थी।

गिरफ्तार किये गये साइबर अपराधियों के पास से हजारों रुपये, आधा दर्जन एटीएम कार्ड, कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, साइबर अपराधियों को जैसे ही भनक लगी कि पुलिस उनका पीछा कर रही है, इन्होंने कई बैंक के पासबुक, लैपटॉप व एटीएम सहित अन्य सामान को रास्ते में ही कहीं फेंक दिया।

धनबाद एवं जामताड़ा पुलिस इन 6 अपराधियों के क्राइम रिकॉर्ड खंगाल रही है. इनके बारे में जानकारी जुटायी जा रही है कि इसके पूर्व भी किसी थाना में इनके खिलाफ साइबर अपराध की प्राथमिकी दर्ज है या नहीं. पुलिस इन्हें कुख्यात साइबर अपराधी मान रही है।

सोमवार सुबह करीब 11 बजे स्कॉर्पियो संख्या JH15 X-2353 गोविंदपुर-साहिबगंज रोड से जामताड़ा की ओर से आ रही थी. स्कॉर्पियो में चालक समेत छह युवक सवार थे. स्कॉर्पियो अचानक शंकरडीह कंचनडीह रोड में निरसा की ओर मुड़ गयी. इस स्कॉर्पियो का पीछा करते हुए एक बिना नंबर की बोलेरो कार से पूर्वी टुंडी की पुलिस आ रही थी।

पूर्वी टुंडी पुलिस पीछे-पीछे हल्ला कर रही थी कि यह गाड़ी एक्सीडेंट करके भाग रही है. जामताड़ा पुलिस की सूचना पर पूर्वी टुंडी पुलिस इस गाड़ी का पीछा कर रही थी. स्कॉर्पियो को निरसा के बेनागाड़िया में भी स्थानीय लोगों ने रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन ये लोग रुके नहीं. बेनागड़िया के लोगों की सूचना पर रांगामाटी के सरसा मोड़ में ग्रामीणों द्वारा सड़क पर दो बाइक को खड़ा करके रोड अवरुद्ध कर दिया गया।

स्कार्पियो सवारों ने अपनी गाड़ी रोकी और रोड जाम करने का कारण पूछा. इस पर ग्रामीणों ने कहा कि वे लोग कहीं से एक्सीडेंट करके आ रहे हैं. इन लोगों ने इससे इनकार कर दिया. इसी बीच, बिना नंबर की कार से सादे लिबास में पूर्वी टुंडी की पुलिस वहां पहुंच गयी. पुलिस ने जैसे ही अपराधियों को अपने साथ चलने को कहा, तो युवकों ने हंगामा कर दिया।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी सवाल किया कि गाड़ी में नंबर प्लेट नहीं है. केवल एक व्यक्ति पुलिस की पोशाक में है. कैसे मान लिया जाये कि वे लोग पूर्वी टुंडी थाना के पुलिस वाले हैं. ग्रामीण पुलिस वालों से बात कर रहे थे. इसी बीच 6 साइबर अपराधियों में से तीन भीड़ का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गया. इसकी जानकारी निरसा पुलिस को दी गयी. निरसा पुलिस मौके पर पहुंची एवं फरार तीन युवकों का खोज में जुट गयी।

भागाबांध क्षेत्र में पुलिस ने सघन छापामारी अभियान चलाया. इस दौरान आसपास के क्षेत्र में भागे हुए तीन युवकों को पुलिस ने धर दबोचा. युवकों को लेकर पुलिस निरसा थाना पहुंची. इसके बाद जामताड़ा के अलावे धनबाद साइबर के डीएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी पहुंचे. यहां प्रारंभिक पूछताछ के बाद देर शाम सभी को लेकर जामताड़ा पुलिस चली गयी।

रंगामाटी के सरसा मोड़ से पुलिस स्कॉर्पियो चालक जामताड़ा जिला के करमाटांड़ थाना अंतर्गत पार्थोल गांव निवासी रमजान मियां के पुत्र मुस्तकीम अंसारी (27), करमाटांड़ थाना के ही भाड़टांड़ निवासी मुबारक अंसारी के पुत्र अब्दुल करीम अंसारी (26) एवं करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ही बिराजपुर निवासी अलाउद्दीन अंसारी के पुत्र सलामत अंसारी (24) को घटनास्थल से हिरासत में लिया था. भीड़ फायदा उठाकर भागने वालों में करमाटांड़ थाना अंतर्गत भाड़टांड़ गांव के रहने वाले तीनों युवकों के नाम अख्तर अंसारी (35), उल्फत अंसारी (26) एवं सनवर अंसारी (26) शामिल थे।

अख्तर, उल्फत और सनवर को रांगामाटी गांव के आसपास के जंगलों से घंटों मशक्कत के बाद पुलिस ने छापेमारी कर हिरासत में लिया. बताया जाता है कि क्षेत्र की जानकारी नहीं रहने के कारण तीनों युवक जंगल में ही घूम रहे थे. इनके पास मोबाइल भी था. उनके अन्य तीन साथी पुलिस हिरासत में थे. इसलिए उनसे मोबाइल पर भी संपर्क हो पाया और पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया. स्कॉर्पियो का मालिक पार्थोल निवासी जगदीश अंसारी है।

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