बारनवापारा वन अभ्यारण्य क्षेेेत्र में अवैध शिकार के मामले में 5 आरोपी पकड़ाए

भूपेश मांझी/महासमुंद-बारनवापारा वनअभ्यारण्य क्षेेेत्र बार नवापारा क्षेत्रान्तर्गत अवैध शिकार के मामले में 5 आरोपी पकडे़ गए।जबकि एक फरार हो गया।वहीं देवपुर वन परिक्षेत्र अन्तर्गत भी एक व्यक्ति के पकडे़ जाने की जानकारी प्राप्त हुई है।शिकार के इस प्रकरण में अलग-अलग दो मामले बनाए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बार नवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र के ग्राम चरौदा में 5 व्यक्ति पकडे़ गए तथा एक फरार की तलाश जारी है।शिकार किस वन्यप्राणी किया गया है।फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पस्ट पता चल पायेगा।जबकि पकडे़ गए आरोपियों के पास से पका हुआ मांस छापामार कार्यवाही के दौरान जप्त किया गया है।

आरोपियों से पुछे जाने पर वे इसे सांभर का मांस बता रहे हैं तथा शिकार करना कुबूल किए हैं।इस संदर्भ में अधीक्षक बार नवापारा अभ्यारण्य आर.एस.मिश्रा एवं परिक्षेत्र अधिकारी कृषाणु चन्द्राकर ने मुखबिरों की निशानदेही पर तालाशी अभियान छेडा़।तब उन्होंने घर पर पकाते हुए मांस की जप्ती पकाने के बर्तन के साथ की है।पकडे़ गए आरोपी उक्त मांस और किन-किन लोगों को वितरित किया है अथवा बेचा है। इसकी जानकारी आरोपियों से ली गई इसके पश्चात सघन जप्ती की कार्यवाही की गई।

पकड़े गए आरोपियों में पुष्पराज पिता नरसिंह ठाकुर(45) तथा इनमें दो आरोपी पटेवा के पास ग्राम पताई निवासी गुलाब पिता मन्नू लाल (30 ) पवन पिता लाल जीत (30) साथ में पकड़े गए हैं।चरौदा निवासी अनुप पिता हरि सिंह जो कि पताई निवासी गुलाब का साढूभाई है फरार बताया जा रहा है।संजय (38),दिलीप (42)ग्राम चरौदा निवासी भी गिरफ्त में आये है।आरोपियों पर वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्यवाही की जा रही है।जिसमें अधीक्षक मिश्रा ने इस अधिनियम की मुख्यधारा में (9),(39),(49),(50) व (51) के तहत आरोपियों पर कार्यवाही की बात कही।आरोपियों को रिमांड के लिए कोर्ट में पेश करने की बात की है।

वन अधिकारियों ने बताया कि शिकार वन क्षेत्र में अमूमन जहर खुरानी,बम का गोला बना कर,फंदा लगा कर,करंट एवं तीर-धनुष के माध्यम से शिकारियों द्वारा किया जाता रहा है। किन्तु यह अवैध शिकार करंट लगाकर किए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस शिकार प्रकरण की तह तक पहुंचने के लिए देवपुर परिक्षेत्र में पकडे़ गए आरोपी लोकनाथ पिता चमरा दीवान (40) ग्राम पकरीद को इस कडी़ से जोड़ कर वन अधिकारी विवेचना कर रहे हैं।

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